सजल

सजल

हम न होंगे कभी, तब चलेगा पता।आदमी तो गया, रह ग‌ए देवता।। मौन निर्जीव सब, मूर्तियों-से खड़े।अब न…

ब्रह्मांड का नेत्र भगवान____””सूर्यसत्येन्द्र कुमार पाठक””

ब्रह्मांड का नेत्र भगवान सूर्यसत्येन्द्र कुमार पाठकसनातन धर्म का सौरसम्प्रदाय की ग्रंथों में भगवान सूर्य की उपासना का…

सच में ये नादान भी बेमिसाल हैं, दिलों में अँधेरा है और दीपक मंदिरों में जलाते हैं ।__ “”कवि———निरेन कुमार सचदेवा।””

शीर्षक——बहुत अजीब है ये आधुनिक दुनिया—— सच में ये नादान भी बेमिसाल हैं, दिलों में अँधेरा है और…

जीवन और प्रेम में कभी-कभी__ “बृजेश आनन्द राय,”

जीवन और प्रेम में कभी-कभी…………..--------------------------------------------- ‌‌……………………..'जीवन और प्रेम' मेंकभी-कभीएक तरफ की'एक छोटी सी नासमझी की त्रुटि'जब दोनों तरफ…