पिता — “अभय”

दर्द को पीता रहा,बोला नहीं,कष्ट को सहता रहा,तौला नहीं।होम जीवन कर दिया,नव‌-पीढियों के वास्ते,पांव के छालों का भेद…

मेरे पापा

मेरे पापा थे बहुत ही प्यारे और न्यारेबहुत मेहनती और थे वह स्वाभिमानीउनसे ही हमारा जीवन सुखकर बनासीधा…

पिता हैं व मेरे

परिवार की शान हैं वमेरी जिंदगी के भगवानपिता हैं व मेरेमुझ पर है उनका बड़ा एहसान। मेरा स्वाभिमान…

मेरे पिता

कैसे लिखा जाए अब पिता की परिभाषा!!वे ही तो हैं एक,जो जीवन के घोर नैरास्यता में भी..मन में…

पिता

पिता की तरह प्यार जताना बहुत मुश्किल है, पिता की तरह रहना बहुत मुश्किल है पिता की तरह…

सत्य अहिंसा के पुजारी

दो अक्टूबर अवतरण दिवस ऐतिहासिक,राष्ट्रपिता जिनको बापू कहकर बुलाते,सत्य अहिंसा का पाठ पढ़ाया,देश को आजाद कराया। दुबली पतली…

मैं भी इंसान हूँ !

मैं भी इंसान हूँ,दर्द मुझे भी होता है,कभी महसूस करोदिल मेरा भी रोता है। भीड़ है तुम्हारे अपनों…

साहिल

साहिल पर बैठे कुछ लोगों ने मुझ से पूछा , वो किनारा जो चल नहीं सकता , या…

पिता का डर

बड़े कितने भी' हो जाएं पिता का ड़र नहीं जाता पिता कर दें मना बेटा कभी लड़कर नहीं…

पिता मेरे

माॅं ने जनम दिया था पिता दुनिया से मिलवाए थे।मेरी ख़ुशी की खातिर तात ने कितना दुःख उठाए…