Posted inpoetry “तुम है चाँद तारा”-डॉ गुलाब चंद पटेल तुम ही हो चाँद तारा प्यारा हैतुम ही हो अमर प्यार हमारा है पर्दा हटते ही चाँद निकल… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023
Posted inpoetry “पिता” -वेन्नल रम्या श्री नमस्कार🙏,मेरा नाम वेन्नल रम्या श्री हैं।मैं आपके सामने पिता पर एक कविता प्रस्तुत करने जा रही हूं। पिता… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023
Posted inpoetry “पिता से ही जीवन” -अनामिका श्रीवास्तव पिता से ही जीवन,और जीवन की हर सीढ़ी हैं।पिता सुरक्षा कवच,हमारी रक्षा की हर पीढ़ी हैं।।हमारी ताकत,हमारा विश्वास… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023
Posted inpoetry नादाँ थे हम – “डॉ सुलक्षणा अहलावत” नादाँ थे हम पत्थर दिल से दिल लगा बैठे,अपने ही हाथों अपना आशियाँ जला बैठे। समझ मोहब्ब्त का… Posted by Rajni Prabha October 11, 2023
Posted inpoetry “तिरंगा” -रितु झा वत्स मान सम्मान स्वाभिमान तिरंगाहर भारतीय की जान तिरंगासत्य सार्थक गौरव तिरंगाविजय विभूषित सद्भाव तिरंगातीन रंग का प्यारा तिरंगाआसमान… Posted by Rajni Prabha October 11, 2023
Posted inpoetry “दुल्हन बालिका वधू” बुंदेली – रजनी कटारे “हेम” उड़त चिरैया सी,चहकती घर अंगना में,छुम छुम पायल छनकाती,बिटिया महकती घर अंगना में,रचा रये ब्याओ छोटी सी मुनिया,… Posted by Rajni Prabha October 9, 2023
Posted inpoetry ये “बिखरी बिखरी” ज़िन्दगी , कैसे बनाऊँ इसे “निखरी” ज़िन्दगी ? निखरी कहाँ - कहाँ से इकट्ठा करूँ, “ऐ ज़िन्दगी “ तुझको…जिधर भी देखूँ, “तू ही तू” बिखरी पड़ी… Posted by Rajni Prabha October 7, 2023
Posted inpoetry नेक नामी की कमाई “हास्य रस (कविता)” आप।आप,का चेहरासुन्दर है।कपड़े!और भी सुंदर हैं!आप का घर!अति शोभनीय!अपना है !अति उत्तम!धनवान हैं?नहीं ,खाता -पीता इंसान हूं!क्या,मजाक है,भगवान… Posted by Rajni Prabha October 7, 2023
Posted inpoetry “पापा चले गये” – श्रीमती ज्योति त्रिवेदी पापा चले गये ,बचपन की हसरत चली गयीरूठने मनाने की आदत चली गईसैर -सपाटा, मौज- मस्ती, घूमना -फिरनाशौक… Posted by Rajni Prabha October 7, 2023
Posted inpoetry चंदन : ‘डॉ गुलाब चंद पटेल’ गुलाब के फ़ूलों से सुवास देती है हवा,तुलसी के पत्ते से बनाई जाती है दवा गुजरात में गाढ… Posted by Rajni Prabha October 7, 2023