Posted inpoetry नादाँ थे हम-“डॉ सुलक्षणा अहलावत” नादाँ थे हम पत्थर दिल से दिल लगा बैठे,अपने ही हाथों अपना आशियाँ जला बैठे। समझ मोहब्ब्त का… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry 🍁पापा..आप सा किरदार ना मिला..🍁-“हरजीत सिंह मेहरा.” मां शारदे को नमन..मंच को नमन..🙏विधा- कविता!"""'"""""""""""""""""" 🍁पापा..आप सा किरदार ना मिला..🍁 आपके जाने के बाद..बहुत ढूंढा पापा,पर,कहीं… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry भला करना चाहोगे तो-“डॉ विकास” भला करना चाहोगे तो बुराई मिलेगी,सुलह करना चाहोगे तो लड़ाई मिलेगी।बस ठाने रहना पथ से हटोगे नहीं तुम,तब… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry सुनो!-“डॉ विकास शर्मा” बहुत याद आ रही है तुम्हारीये बेरुखी तुम्हारीमुझ पर पड़ रही है भारी तुम्हारा बात बात परवो 'ओये'… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry मैं, मैं ना रहा-“डॉ विकास शर्मा” मैं, मैं ना रहाउनसे मिलने के बादखुद को भूल गयाबस रही वो ही याद……. फटी पड़ी थी झोलीऔर… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry पिता -“रजत त्यागी” संघर्ष करता है पिता |संघर्ष से बनता है एक पिता |अपनी संतान के लिये हरनामुमकिन को मुमकिनबनाता है… Posted by Rajni Prabha October 13, 2023
Posted inpoetry “पिताअंगना”-डॉ सुनीता श्रीवास्तव कई वर्ष बीत गए पिता से जुदा हुए।पिता की आवाज सुनने को ,आज भी मन करता है ।कई… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023
Posted inpoetry “ख़त”-Ravi Kabra (एक ख़त जो पिता ने लिखा बेटे के नाम वृध्दाश्रम से।) प्रिय बेटा, तू फिक्र न कर मेरीमैं… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023
Posted inpoetry “मेरे पापा”-वसुंधरा धर्माणी बचपन में उंगली पकड़करउन्होंने मुझे है राह दिखाईपापा की ही बदौलत मैंइस दुनिया में हूं आई बेटों से… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023
Posted inpoetry “पिता”- संचित कांबळे वह होती हैबादल की गरजइंद्रधनू का अचरजगूंज होती है सागर कीऔर सरीता प्यार की…पिता से ही पाते है… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023