Posted inpoetry पिता प्रकाश है-“डॉO मीनू शर्मा” पिता प्रकाश है,पिता प्रभाकर है ,खुशियो का सागर है,पिता आशीष होता है,वो हर पल साथ होता हैlखुशी की… Posted by Rajni Prabha October 16, 2023
Posted inpoetry पिता पर कविता-“सौरभ कांत बाजपेई” पिता की याद आती है।बहुत मुझको सताती है। वही भगवान है मेरा।वही ईमान है मेरा। मुझे चलना सिखाया… Posted by Rajni Prabha October 16, 2023
Posted inpoetry हास्य मनहरण घनाक्षरी-“प्रतिभा जैन” बालीबुड का असरपिताजी को डेड कहे,माता अब मोम बनी,पश्चिम का दौर है। आधी रात ड्रिंक चलें,सुबह गर्ल फ्रेंड… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry आंखें-“प्रतिभा जैन” ये आंखें तुमसे प्यार कर बैठी,न जाने क्यों गंगा बना बैठी।बिना जाने ही तुम पर,एतबार कर बैठी।तुमने मुड… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry भाई-“प्रतिभा जैन” बरसों बाद खुशियों का दीदार हुआ,फिर भी मुसीबतों का ढेर नहीं हुआ।खुदा से शिकायत क्या करूं,अपनो का साथ… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry एक दृष्टि-“बृजेंद्र।” सुख शांति समृद्धि चाहिएतो सुदृढ़ करो ताना बाना।हो पड़ोसी हितकर अपनाबजता बहीं आनन्द तराना।। भारत इस सुविधा से… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry पिता-“डॉ़ . कुसुमलता” पिता वह वटवृक्षजो सदा खड़े रहकरछाया प्रदान करते ।पिता बहते पानी की नदीजिसके जल सेपरिवारजन होते तृप्त ।पिता… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry एक बेटी की नजर मे पिता-“प्रीति चौहान” बेटी की जान होता है पिता,बेटी का स्वाभिमान होता है पिता, बेटी की खुशियों की कुंजी होता है… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry मैं, मैं ना रहा-“डॉ विकास शर्मा” मैं, मैं ना रहाउनसे मिलने के बादखुद को भूल गयाबस रही वो ही याद……. फटी पड़ी थी झोलीऔर… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry सुनो!-“डॉ विकास शर्मा” बहुत याद आ रही है तुम्हारीये बेरुखी तुम्हारीमुझ पर पड़ रही है भारी तुम्हारा बात बात परवो 'ओये'… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023