Posted inpoetry ज़िन्दगी को यूं न आजमाना चाहिए।-“अनूप दीक्षित”राही” ज़िन्दगी को यूं न आजमाना चाहिए।फ़र्ज़ तो फ़र्ज़ है उसको निभाना चाहिए।।मेरे यकीन को तुमने अब कहीं का… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry खालीपन-“डॉ गुलाब चंद पटेल” खालीपन हे मुज ह्रदय में,कुछ भी स्पष्ट नहीं है मन में,दूविदा हे इस चिट मे, कुछ कहने के… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inArticles poetry हम सब सुदामा ही तो हैं-“दास अरूण” भगवान श्रीकृष्ण का सुदामा जी के प्रति प्रेम परमसत्य था परंतु यह चने वाली घटना का उक्तसंदेश में… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry हे निर्दय पिता!(एक पिता ऐसे भी)-“बृजेश आनन्द राय” ……….."हे निर्दय पिता!"………….." ………………….(एक पिता ऐसे भी) …………… कविता……………………………….. हे निर्दय पिता!मैं आप के द्वारा मेरे स्रम को… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry व्यंग्य – काल्पनिक राम का दर्शन-“सुधीर श्रीवास्तव” व्यंग्य - काल्पनिक राम का दर्शन कल शाम एक अजूबा हो गयाजिसे मैंने अपनी आंखों से देखा।मैं मंदिर… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry बचपन की मेरी मोहब्बत थी-“डॉ सुलक्षणा अहलावत” बचपन की मेरी मोहब्बत थी,मेरे लिए खुदा की इबादत थी। जुदा हुए बिना बेवफ़ाई किये,कुछ इस तरह आई… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry आज बहुत गुस्से में थी श्रीमती जी -“डॉ सुलक्षणा अहलावत” आज बहुत गुस्से में थी श्रीमती जी,आगे से बोल पड़ा मारी गयी मति थी। मुँह से बोली नहीं… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry वक़्त वक़्त की बात है-“डॉ सुलक्षणा अहलावत” वक़्त वक़्त की बात है, नसीबों का खेल है,बंजर दिल पर प्यार का बीज बोते देखा है। मैंने… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry तेरे मोहल्ले में-“डॉ सुलक्षणा अहलावत” तेरे मोहल्ले में मेरा आना जाना आज भी है पर तेरी गली से दूर रहता हूँ।दिल कहता है… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry तुझसे बिछड़कर-“डॉ सुलक्षणा अहलावत” तुझसे बिछड़कर मैं सोई नहीं,दर्द आज भी है पर मैं रोई नहीं। जख्मों को मेरे आकर सहलाए,प्यार से… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023