Posted inshayari मत-“जुगेश चंद्र दास” रहो जहांँ जिस काम में,उस दिन आना गांँव।मूल्यवान मत डालना , पाने शीतल छाँव।। नहीं छलावे में पड़ो… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inshayari तेरे सुनें जहां में-“कुलदीप सिंह रुहेला” खोंकरतुमको लगातुम ही जीवनकी सारमेरीपतझड़के मौसममें बनके बहारक्यों तुमबनी आज फिर जीने की तमन्ना जागीमेरे ह्रदयमेंसुनेजहां मेंतेरा इंतजार… Posted by Rajni Prabha November 7, 2023
Posted inshayari ए साहिब!-“डॉ सुलक्षणा” ए साहिब! मैं रहती जरूर हूँ आपके शहर में,पर दिल पड़ा है मेरा अपने गाँव में,आधुनिक बन गयी… Posted by Rajni Prabha October 30, 2023
Posted inshayari साँसों की डोर टूट जाये तो बेहतर हो,वरना मन की बेचैनी बढ़ती जाएगी। ©®डॉ विकास Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inshayari मांगी है मोहलत-“डॉ विकास शर्मा” मांगी है मोहलत उस खुदा से तेरा कर्ज चुकाने को,अपनी साँसें जो गिरवी रखी हुई हैं हमने तेरे… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inshayari ए दोस्त!-“डॉ विकास शर्मा” ए दोस्त! तिल तिल मरना क्या है, कोई मुझसे पूछे,जान निकलती भी नहीं और जिस्म में रहती भी… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inshayari पत्थर था मैं-“डॉ विकास शर्मा” पत्थर था मैं, वो मोम की तरह पिघला गए,हैसियत है क्या मेरी, अच्छे से बतला गए।जिंदगी बनकर जिंदगी… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry shayari संसार नैनों से निर्झर बहतें हैं,सांसों में प्राण संचार है।है यही रीत वसुधा की,हां यही तो संसार है। सबकी… Posted by Rajni Prabha September 13, 2023
Posted inshayari गांधीनगर के प्रसिद्ध हिन्दी गुजराती साहित्य कार सामाजिक कार्य कर को डॉक्टरेट पदवी प्रदान की जाएगी गांधीनगर के प्रसिद्ध हिन्दी गुजराती साहित्य कार सामाजिक कार्य कर को डॉक्टरेट पदवी प्रदान की जाएगी गुजरात के… Posted by Rajni Prabha August 25, 2023
Posted inshayari शोध आलेख हिंदी साहित्य:उद्भव एवं विकासरजनी प्रभाहर राष्ट्र की अपनी एक विशिष्टता होती है और भारत की विशेषता है अनेकता… Posted by Rajni Prabha August 18, 2023