Posted inpoetry दान-“जुगेश चंद्र दास” लेकर सबकुछ आपसे , दिया आपको दान।आम जनों को छल रहा, शातिर छली सयान।। स्वच्छ स्वस्थ पावन हृदय,सोचो… Posted by Rajni Prabha November 10, 2023
Posted inpoetry तुम मेरे यंत्रि-“डॉ. कवि कुमार निर्मल” तुम मेरे यंत्रि, यह मन तुझसे चलता।पूर्ण समर्पण भाव संग, बस चलता।कर्म मेरा, कार्ता तुम हीं हो मेरे… Posted by Rajni Prabha November 10, 2023
Posted inpoetry एक छोटी सी मुस्कान-“कौशल किशोर” न जान न पहचान,बस एक छोटी सी मुस्कान। बन जाए कभी संगिनी, कभी दोस्त महान। तेरी एक छोटी… Posted by Rajni Prabha November 10, 2023
Posted inpoetry एक दीया-“जगदीश कौर” एक दीया जलाओ विश्वास का ।सबके हौसले और आस का ।हो या जात धर्म से बहुत दूर ।हो… Posted by Rajni Prabha November 10, 2023
Posted inpoetry कुंठित हो चुकी मानवता-“एस के नीरज” कुंठित हो चुकी मानवताइंसानियत तार तार हो चुकाऐ मेरे परवरदिगारआज धरती बेजार हो चुका । चंद रुपयों की… Posted by Rajni Prabha November 10, 2023
Posted inpoetry बना दिया हमको ऐसा, जिंदगी की राहों ने-“गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद” बना दिया हमको ऐसा, जिंदगी की राहों ने।सीखा दिया हमको जीना, जिंदगी की राहों ने।।बना दिया हमको ऐसा----------------------।।… Posted by Rajni Prabha November 10, 2023
Posted inpoetry बंटवारे का दंश-“रजत त्यागी” बंटवारे की पीड़ाझेलता इंसान |अपनो से है हररोज लड़ता इंसान |सब कुछ होते हुयेभी |सब कुछ की चाहरखता… Posted by Rajni Prabha November 10, 2023
Posted inghazal poetry चालाकियाँ जानी नहीं-“सुविधा पंडित” आँखों में उसके फिर वही दीवानगी पढ़ने लगी,रुसवाइयों का डर नहीं आवारगी पढ़ने लगी। मासूम थी मैं तो… Posted by Rajni Prabha November 10, 2023
Posted inpoetry शीत ऋतु के आगमन पर एक सजल-“वेन्द्र पाल सिंह ‘रसिक’ मथुरा” फिर कनेर सी हँसी लुटाने वाले आये दिन।बाँहों में भर नींद चुराने वाले आये दिन।। कुछ अजीब सी… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inpoetry तुम भी तो कुछ बोल न पाए-“हलधर” माना मैं ख़ामोश रहा पर, तुम भी तो कुछ बोल न पाए ।मंचों पर चढ़ गए चुटकुले ,… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023