Posted inpoetry गजल-“डाॅ सुमन मेहरोत्रा” राम लंका जीत ली सबको खुशी भारी हुई। आज चहकी है धरा खिल बाग सी सारी हुई। रंग… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inpoetry बिगाड़ेगा क्या-“विनोद सिल्ला” तुम्हारेघर हैं दड़बानुमाकपड़े हैं एकदम चिथड़ेबीमार होने परढंग का इलाज नहींजुल्म-औ-सितम होने परमिला नहीं न्यायखाने कोभरपेट भोजन नहींबच्चों… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inpoetry बिगाड़ेगा क्या-“विनोद सिल्ला” तुम्हारेघर हैं दड़बानुमाकपड़े हैं एकदम चिथड़ेबीमार होने परढंग का इलाज नहींजुल्म-औ-सितम होने परमिला नहीं न्यायखाने कोभरपेट भोजन नहींबच्चों… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inpoetry यह मत है न कोई ढेला है-संतोष श्रीवास्तव “सम” चलो मनाये एक पर्व,जो चुनाव कहलाता है,जनता राज करती जहाँ,वहीं लोकतंत्र लहराता है। जवाब अधिकार से मांगोगे,जो सत्ता… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inpoetry प्रभु रखवारे हैं “कीर्ति तिवारी” जिन पर भी अरमान दिलों के वारे हैंरिश्ते वो सारे ही निकले खारे हैं। क्या ग़लती थी मेरी… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inpoetry कुंडलिनी छंद-“रवेन्द्र पाल सिंह” बिल्ली बैठी कार में,कूर रहे चिल्लाय।बिल्ली जिंदाबाद के नारे रहे लगाय।।नारे रहे लगाय, यही जीतेगी भैय्या।दे दो अपना… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inpoetry मुरली यहाँ बजा दो-“सुविधा पंडित” हर श्वास मोह-माया, के जाल से बुनी है।प्राचीर प्राण की भी ,आसक्ति से चुनी है।हे कृष्ण जी तुम्हीं… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inpoetry सजल-“भीम सिंह नेगी” क्या मिला उस गली में आकर ।चला गया वह आँख दिखाकर ।। उनको दया क्यों नहीं आई ।थक… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inpoetry सूख गया है हृदय स्रोत-“बृजेश आनन्द राय” सूख गया है हृदय स्रोत वहसूखा आज मन का रसा है ।अब ना स्नेहिल दृष्टि तुम्हारी;ना ऑखों में… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023
Posted inpoetry हिन्दी-“बृजेश आनन्द राय” उत्तर,दक्षिण,पूरब,पश्चिम,एक सभी का नारा'हिन्दी' भारत में जनमन की- 'जीवन-शिक्षा-धारा'।।सर्व-प्राचीना-संस्कृत-जननीभगिनी जिसकी सब भारत भाषादर-दर की बोली 'शिशु-सरल'निर्मल जिसकी मातृ… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023