बिगाड़ेगा क्या-“विनोद सिल्ला”

तुम्हारेघर हैं दड़बानुमाकपड़े हैं एकदम चिथड़ेबीमार होने परढंग का इलाज नहींजुल्म-औ-सितम होने परमिला नहीं न्यायखाने कोभरपेट भोजन नहींबच्चों…

बिगाड़ेगा क्या-“विनोद सिल्ला”

तुम्हारेघर हैं दड़बानुमाकपड़े हैं एकदम चिथड़ेबीमार होने परढंग का इलाज नहींजुल्म-औ-सितम होने परमिला नहीं न्यायखाने कोभरपेट भोजन नहींबच्चों…
हिन्दी-“बृजेश आनन्द राय”

हिन्दी-“बृजेश आनन्द राय”

उत्तर,दक्षिण,पूरब,पश्चिम,एक सभी का नारा'हिन्दी' भारत में जनमन की- 'जीवन-शिक्षा-धारा'।।सर्व-प्राचीना-संस्कृत-जननीभगिनी जिसकी सब भारत भाषादर-दर की बोली 'शिशु-सरल'निर्मल जिसकी मातृ…