गजल -हिमांशु पाठक

रात भर करवटें, वो बदलती रही।सिलवटें चादरें उसकी कहती रहीं।। यादों में,रात में उसकी मैं ही मैं था।हिचकियां,रातभर,…

सर्वांगीण सकारात्मक ऊर्जा का पर्व महाशिवरात्रि-“सत्येन्द्र कुमार पाठक”

वैदिक और पुरातन संस्कृति में सृष्टि के रक्षक भगवान् शिव सकारात्मक ऊर्जा स्रोत है। नकारात्मक ऊर्जा स्रोत को…

वीरा बहन स्मृति शिविर रोहित लोज थियोंसोफि सोसाइटी अहमदाबाद में डॉ गुलाब चंद पटेल जी ने विशिष्ठ वक्तव्य दिया

सारस्वत लोज थियोंसोफिकल सोसायटी गांधी नगर के अध्यक्ष, सुप्रसिद्ध साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर डॉ गुलाब चंद पटेल जी…

बँधने वाला है दो दिलों में एक अटूट बन्धन-“निरेन कुमार सचदेवा”

दिलों के बंधन में दूरियाँ नहीं गिनते——जहाँ इश्क़ हो वहाँ मजबूरियाँ नहीं गिनते———!तो फिर आख़िर क्या गिनतेहैं——-गिनते हैं…